राजस्थान की सीमा पर अविस्थत शहीदी धाम मानगढ़ धाम पर पहुंचे। वे यहां केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के धूलि वंदना कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। गोविंद गुरु की प्रतिमा को नमन के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी की यात्रा के एक दिन पहले मानगढ़ धाम पर भारतीय जनता पार्टी के आला नेता पहुंच चुके थे। सोमवार को मुख्य सचिव की मौजूदगी में बैठक में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। मोदी की यात्रा को लेकर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। बड़ी संख्या में आए लोगों से पांडाल खचाखच भरा रहा। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साढ़े दस बजे मानगढ़ धाम हेलीपैड पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने आदिवासी शहीदों को नमन करते हुए कहा कि भारत की स्वतंत्रता में आदिवासियों का बड़ा योगदान रहा है। उनका संघर्ष अकल्पनीय रहा है। यही वजह है कि मेवाड़-वागड की धरती और मानगढ़ धाम का गौरवशाली इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। यहां के इतिहास की जितनी खोज की जाए, उतनी नई कहानियां मिलेंगी। उन्होंने कहा कि आजादी में गोविंद गुरू की महत्वपूर्ण भूमिका को भारतीय कभी भी भूल नहीं सकते हैं। उन्होंने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की भी मांग की।

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