संविधान सभा |Constitutional Assembly In Hindi
- संविधान सभा देश में संविधान के निर्माण के लिए प्रतिनिधियों की सभा को “संविधान सभा” कहते हैं ।
- संविधान सभा सिद्धांत के प्रथम दर्शन 1895 ई.स्वराज्य विधेयक में जो तिलक के निर्देशन में तैयार
- संविधान सभा की पहली बात -1922 में महात्मा गाँधी ने भारतीयों के लिए एक सविंधान सभा ।
- संविधान सभा का विचार सर्वप्रथम स्वराज पार्टी ने 1924 में दिया था ।
- ब्रिटिश सरकार सम्मुख संविधान सभा निर्माण की मांग -1924 मोतीलाल नेहरु ने
- वयस्क मताधिकार द्वारा संविधान सभा निर्माण की मांग -1924 पंडित जवाहर नेहरु ने
- संविधान सभा/ संविधान की मांग को अंग्रेजो ने स्वीकारा –1940 अगस्त प्रस्ताव में
- भारत में साम्यवाद आंदोलन के प्रणेता - एम. एन. राय के सुझाव को अमल में लाने के उद्देश्य से 1946 में एक संविधान सभा का गठन किया गया ।
- राजेंद्र प्रसाद के अनुसार संविधान सभा का विचार आस्था का प्रतीक बन चूका था
क्रिप्स मिशन -1942
- 22 मार्च 1942 क्रिप्स मिशन भारत आया ।
- एक सदस्य आयोग –सर स्टेफोर्ड क्रिप्स
- क्रिप्स प्रस्तावों में अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्थान की मांग को स्वीकार किया
- गाँधी ने क्रिप्स प्रस्तावों को “दिवालिया बैंक” और “भविष्य की तिथि में में भुनाने वाला चेक” कहा
- “भारतीय संविधान भारतीयो की इच्छानुसार होगा”- 1922 महात्मा गाँधी ने कहा
- 1928 बम्बई में भारतीय संविधान के लिए सिद्धांत निर्माण हेतु मोतीलाल नेहरु की अध्यक्षता में सर्वदलीय समिति गठित की गई –इसे ही श्याम चतुर्वेदी ने प्रथम भारतीय संविधान का स्वरूप कहा
- “हम एसी संविधान सभा चाहते है जो भारतीय मस्तिष्क का वास्तविक दर्पण हो”-1937-38 गाँधी ने
- अगस्त प्रस्ताव 1940 में ब्रिटिश सरकार ने परिस्थतिवश कहा –“भरत का संविधान सम्भवतः स्वयं भारतवासी ही तैयार करेंगे”
वेवल योजना 1945
- अक्टूबर 1943 में लार्ड लिनलिथगो की जगह लार्ड वेवल को भारत का गवर्नर
- संवेधानिक गतिरोध अनुकूल वातावरण के लिए 04 जून 1945 को योजना प्रस्तुत - जिसे वेवल योजना
शिमला सम्मेलन 1945
- 25 जून से 14जुलाई1945 को शिमला में सर्वदलीय सम्मेलन
- कांग्रेस का नेतृत्व –मोलाना कलाम आजाद ने
- नोट:- गाँधी ने भाग नही लिया
- सम्मेलन मे कांग्रेस ने अखंड भारत की मांग
- मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान की मांग
कैबिनेट मिशन1946
- गठन -22 जनवरी 1946 राजनैतिक गतिरोध दूर करने हेतु उच्चस्तरीय मिशन
- भारत आया - 24 जनवरी 1946
- मिशन अध्यक्ष -लॉर्ड पेंथिक लारेंस
- कैबिनेट मिशन के सदस्य थे – सर स्टेफोर्डक्रिप्स, लॉर्ड पेंथिक लारेंस तथा ए एलेग्जेण्डर।..
- योजना प्रस्तुत -16 मई 1946 प्रमुख प्रावधान
- संविधान निर्माण के लिए चुनाव –अप्रत्यक्ष
- संविधान सभा में कुल 389 सदस्य थे,
- जिनमें 292 ब्रिटिश प्रांतों से, 93 देशी रियासतों से और 4 चीफ कमिश्नर क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल।
- चीफ कमिश्नर क्षेत्र-दिल्ली ,अजमेर मेरवाडा ,कुर्ग –कर्नाटक ,बलुचिस्थान
- संविधान सभा में 10 लाख की आबादी पर एक सदस्य का चुनाव ।
- देशी रियासतों से मनोनीत ।
- संविधान सभा में कुल 15 महिला सदस्य शामिल थी ।
- SC सदस्यों की संख्या -26
- ST सदस्यों की संख्या -33
चुनाव जुलाई 1946 में
- सदस्यों में से प्रान्तों के लिए निर्धारित 296 सदस्यों के लिए चुनाव हुए।
- इसमें काँग्रेस के 208, मुस्लिम लीग के 73 एवं अन्य दलों के15 स्वतंत्र उम्मीदवार निर्वाचित हुए।
- सर्वाधिक सदस्य –UP प्रान्त से 55 सदस्य
संविधान सभा की प्रथम बैठक-
9 दिसम्बर, 1946 ई.
- संविधान सभा के चुनाव बाद प्रथम बैठक नई दिल्ली स्थित कौंसिल चैम्बर के पुस्तकालय भवन में हुई।
- प्रथम बैठक में भाग -207 सदस्यों ने
- प्रथम बैठक में महिलाओं की संख्या- 09
- सबसे बुजुर्ग सदस्य डॉ. सच्चिदानन्द सिन्हा को सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया।
- नाम का प्रस्ताव –J.B कृपलानी कांग्रेस के अध्यक्ष
- मुस्लिम लीग ने इस बैठक का बहिष्कार किया ।
- चर्चिल ने कहा –“एक एसा विवाह जिसकी दुल्हन भाग गई”
- भारत की एकमात्र देशी रियासत हैदराबाद , जिसके प्रतिनिधि संविधान सभा में शामिल
नहीं हुए थे।
संविधान सभा की दूसरी बैठक-
11 दिसम्बर, 1946 ई.
- संविधान सभा की कार्यवाही 13 दिसम्बर, 1946 ई. को जवाहरलाल नेहरू
द्वारा पेश किए गए उद्देश्य प्रस्ताव के साथ प्रारंभ हुई।
- डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
- H.C मुखर्जी को उपाध्यक्ष
- बी. एन. राव को संविधान सभा का संवेधानिक सलाहकार बनाया
संविधान सभा की तीसरी बैठक-
13 दिसम्बर, 1946 ई.
- 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की तीसरी बैठक में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया ।
- उद्देश्य प्रस्ताव को राधाकृषण ने पढ़कर सुनाया
- भारतीय संविधान की प्रस्तावना को ‘संविधान की आत्मा‘ कहा जाता है।
- वर्तमान प्रस्तावना का आधार - उद्देश्य प्रस्ताव
- 22 जनवरी 1947 को उद्देश्य प्रस्ताव स्वीकार
संवेधानिक सलाहकार BN राव
- BN राव –बेनेगल नर्सिंग राव
- संवेधानिक सलाहकार BN राव –बेनेगल नर्सिंग राव द्वारा पहला प्रारूप तैयार जिसमे 243 अनुच्छेद और 13 अनुसूचिया
- अन्तराष्ट्रीय न्यायालय के प्रथम न्यायाधीश
- विचार हेतु समिति –ड्राफ्टिंग कमेटी /पांडू लेखन समिति /प्रारूप समिति
बी एन राव के द्वारा किए गए संविधान
के प्रारूप पर विचार-विमर्श करने के लिए संविधान सभा ने 29 अगस्त 1947 को एक संकल्प पारित किया,
प्रारूप
समिति
- प्रारूप समिति का गठन-29
अगस्त 1947 को
- प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को बनाया गया ।
- प्रारूप समिति में कुल सात सदस्य :–
1.
अध्यक्ष डॉ अम्बेडकर. भीमराव
2.
स्वामी गोपाल . आयंगर
3.
अल्लादी कृष्णा स्वामी अय्यर
4.
कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी
5.
सैय्यद मोहम्मद सादुल्ला
6.
एन. माधव राव
7.
डी. खेतान पी 1948 में इनकी मृत्यु के बाद टी. कृष्माचारी को सदस्य बनाया गया
- 21 फ़रवरी 1948 संविधान सभा के समक्ष प्रस्तुत
- 26 नवम्बर1949 को प्रस्ताव पारित
- प्रारूप समिति की पहली बैठक -30 अगस्त 1947
डॉ. अम्बेडकर भीमराव
- अम्बेडकर को संविधान का पिता ,आधुनिक मनु की संज्ञा
- K.V राव ने अम्बेडकर को संविधान के जनक और जननी कहा
- डॉ राजेंद्र प्रसाद ने अम्बेडकर को दक्ष पाइलेट की संज्ञा
- अम्बेडकर का निर्वाचन –प.बंगाल जेसुर कुलना से
- बाद में बम्बई महाराष्ट्र से चुनाव
- बम्बई और बंगाल दोनों विकल्प में से बम्बई ही सही होगा
- अम्बेडकर पुस्तके :- हिन्दू धर्म की पहेलियाँ ,पाकिस्तान पर विचार 1940
- अंतरिम सरकार के सम्बन्ध में अम्बेडकर ने कहा –यह एक देश की सरकार है जिसे दो राष्ट्र चला रहे है
- अम्बेडकर ने संविधान सभा के समक्ष –“द कोंसीटीटयुशन एज स्तेल्ड बाई द असेम्बली बी पास्ट”प्रस्ताव पेश किया जिसे 26 नवम्बर 1947 को पारित किया
- अम्बेडकर अनुसार 1935 के भारत शासन अधिनियम से देश का शासन चलाया जा सकता था
संविधान सभा Fact
- संविधान सभा कुल अधिवेशन -12 (11 +1)
- 24 जनवरी 1950 अंतिम बैठक सहित
- संविधान सभा कुल महिला -15
- प्रथम बैठक में महिला -09
- एकमात्र मुस्लिम महिला –बेगम अयाज रसूल
- राजस्थान से संविधान सभा में सदस्य -15
- राजस्थान से संविधान सभा में जाने वाले प्रमुख सदस्य K.M. मुंशी एवं
बलवन्तसिंह, जयनारायण व्यास और माणिक्यलाल वर्मा थे।
- 14 देशी रियासतों से +01 केंद्र शासित अजमेर मेरवाडा से मुकुट बिहारी भार्गव
- संविधान सभा के राजस्थानी प्रवासी सदस्य -03
- प्रभुदया ,बनारसीदास और पदमपत सिंघनिया
- संविधान सभा में महिला –विजयलक्ष्मी पंडित ,सरोजनी नायडू ,राजकुमारी अमृत कोर ,सुचेता कृपलानी ,कमला चौधरी
- संविधान निर्माण में समय 2 वर्ष 11 माह 18 दिन ।
- संविधान निर्माण में निर्माताओ ने 60 देशो का अवलोकन किया
- संविधान निर्माण के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस हुई।
- संविधान सभा वाचन- तीन बार
- संविधान निर्माण में कुल खर्च ₹63,96,729 हुआ । (64 लाख)
- संविधान में कुल 22 भाग 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थी ।
- संविधान सभा संसद रूप में कार्य तब अध्यक्षता –जे .बी मावलंगर
स्वतंत्रता पश्चात संविधान सभा
- संविधान सभा स्वतंत्र भारत की पहली संसद
- संविधान सभा बैठक की अध्यक्षता –डॉ अम्बेडकर
- विधायिका रूप में बैठक की अध्यक्षता – जी .वी मावलंगर
- अंतरिम राष्ट्रपति का प्रावधान अनुच्छेद -380 में समाप्त
- भारतीय संविधान का शीर्षक –भारत का संविधान अनुच्छेद -393 में
- 15 अगस्त 1947 से 26 जनवरी 1950 तक शासन -1935 Act के अनुसार
- अंतिम अनुच्छेद -395 के तहत 1935 Act समाप्त
- संविधान हिन्दुओ की संज्ञा –लार्ड साइमन
- संविधान को जाती की संज्ञा –चर्चिल
- संविधान सभा मतलब कांग्रेस –ग्रेनविल ऑस्टिन पुस्तक इंडियन कॉनसिटीयूसन
स्वतन्त्रता के बाद पहली बैठक -31
दिसम्बर 1947
- मुस्लिम लीग बहिस्कार पश्चात संविधान सभा का पुनर्गठन –कुल सदस्य 324
- 235 प्रान्तों से +89 देशी राज्यों से
- संविधान पर हस्ताक्षर -284
- संविधान सभा ने संविधान का तीन बार वाचन
- प्रथम वाचन 8 जनवरी 1949 ,
- दूसरा वाचन 16 नवम्बर 1949,
- तीसरा वाचन 26 नवम्बर1949
- अंतिम रूप से 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा पारित कर दिया गया ।
26 नवंबर 1949
- संविधान आंशिक लागु
- 26 नवम्बर विधि दिवस के रूप में विधिवेता –लक्ष्मी मल्ल सिंघवी की सलाह पर
- अम्बेडकर योगदान के कारण 125 वी जयंती 2015 से – संविधान दिवस
- संविधान दिवस -26 नवम्बर शुरुवात 2015 से
- 15 सितम्बर 2015विश्व में अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस
- 2017 सयुंक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव पारित 15 सितम्बर अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस
- इस दिन केवल 16 अनुच्छेद लागू हुए, बाकी पूरा संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ
- अनुच्छेद 396 में लागू अनुच्छेदो का उल्लेख
संविधान सभा की अंतिम बैठक -24 जनवरी 1950
- संविधान सभा की अंतिम
बैठक 24
जनवरी 1950
- 24 जनवरी 1950 को संविधान पर कुल 284 सदस्य हस्ताक्षर प्रथम –नेहरु और अंतिम राजेंद्र प्रसाद
- डॉ राजेंद्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया ।
- भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को तैयार होने के बाद भी 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ
- 26 जनवरी 1930 को कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन के ऐतिहासिक महत्व के कारण 26 जनवरी को लागू करने का दिन चुना गया ।
- 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस
- 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस
अन्य Fact
- अंतरिम सरकार की तत्काल स्थापना जिसमे 14 सदस्य
- 6 कांग्रेस ,5 मुस्लिम लीग ,1 भारतीय इसाई ,1सिक्ख ,1 पारसी सदस्य
- ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रस्तुत की जा सकने वाली सर्वश्रेष्ट योजना –मा.गाँधी ने
- भारतीय संविधान में पहला संशोधन (Amendment) 1951 में हुआ
- संसद प्रथम बैठक -13 मई 1952
- भारत में प्रथम आम चुनाव 1952 में हुए। अब तक लोकसभा के 16 चुनाव हो चुके हैं।
- भारतीय संविधान की प्रस्तावना में केवल एक बार संशोधन 1976 में 42 वें संशोधन ।
- 42वां संविधान संशोधन भारतीय संविधान का ‘लघु संविधान’ कहा जाता है।
- जिसमें संविधान की प्रस्तावना में 3
नये शब्द -समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, अखण्डता
जोड़े गये।
- भारत 26 जनवरी, 1950 को गणतंत्र बना।
संविधान सभा द्वारा अपनाई गई तीन:–
- संविधान सभा ने राष्ट्रीय ध्वज को मंजूरी 22 जुलाई 1947
- संविधान सभा ने राष्ट्रगान को मंजूरी 24 जनवरी 1950
- संविधान सभा ने राष्ट्रगीत को मंजूरी 26 जनवरी 1950
- संविधान दिवस -26 नवम्बर
- अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस-15 सितम्बर
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