ई-स्कूटर में आग लगने का कारण , एक्सपर्ट के इन टिप्स को फॉलो करके बचाएं अपनी जिंदगी
इलेक्ट्रिक स्कूटर (ई-स्कूटर) में आए दिन आग लगने की
घटना सामने आ रही है। इसमें कुछ लोगों की मौत भी हो गई है। हाल ही में भोपाल के
निशातपुरा इलाके में ई-स्कूटर में चार्जिंग के दौरान बैटरी में ब्लास्ट होकर आग लग
गई थी, जिससे कुछ ही देर में टू-व्हीलर
पूरी तरह से जल गया।
तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के औद्योगिक केंद्र होसुर
में भी एक ई-स्कूटर जलकर खाक हो गया। इससे पहले भी पुणे, नासिक, तेलंगाना, चेन्नई से भी ई-स्कूटर में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
आज की खबर में ऑटो एक्सपर्ट से जानते हैं कि ई-स्कूटर खरीदने से पहले और खरीदने के
बाद हमें किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।
ई-स्कूटर खरीदने
से पहले किन बातों का ख्याल रखना चाहिए?
· दुकानदार से पूछें कि ई-स्कूटर
में कौन सी बैटरी लगी है।
· निकल-कैडमियम बैटरी वाला
ई-स्कूटर खरीदें।
· स्कूटर की वारंटी और फ्री
रीप्लेसमेंट जैसी बातें पेपर्स में चेक करें।
· ई-स्कूटर के सॉकेट आउटलेट को
जरूर चेक करें।
· सॉकेट जमीन से कम से कम 800 मिलीमीटर ऊपर रहे,
तभी ई-स्कूटर सेफ रहेगा।
याद रखें कि ऐसे ई-स्कूटर डोमेस्टिक
यूज के लिए होते हैं। रेस लगाने के लिए नहीं है। रेसिंग वाले ई-स्कूटर अलग होते
हैं, उसमें लगी
बैटरी अलग होती है। उसकी बैटरी में कूलिंग सिस्टम लगा होता है, जो स्कूटर के
चलने पर उन्हें ठंडा करता है।
कई बार मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां ई-स्कूटर को बनाने में
डुप्लीकेट चीजों का इस्तेमाल करती हैं। इसकी वजह से आग लगने जैसी घटनाएं होती हैं।
मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को ई-स्कूटर में कूलिंग सिस्टम देना चाहिए, ताकि जब स्कूटर चले तो बैटरी अपने आप गर्म न हो। ठंडी रहे। साथ ही
वैंटिलेशन सिस्टम भी होना चाहिए,
जिससे गर्म हवा बाहर जा सके।
हालांकि, ई-स्कूटर को लेकर सरकार की तरफ
से गाइडलाइन तैयार की जा रही है। जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी।
ई-स्कूटर में कई बार चाइना वाली बैटरियों को इस्तेमाल
किया जाता है। जिसकी वजह से इनकी कीमत सस्ती होती है। हमें भारत में बनी बैटरियों
वाले ई-स्कूटर खरीदने चाहिए।
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