मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना
मुख्यमंत्री युवा
सम्बल योजना की शुरुवात राजस्थान राज्य के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी द्वारा शुरू की गयी है। योजना के माध्यम से देश में जितने भी लोग शिक्षित है और
साथ ही जिन्हे अभी तक नौकरी नहीं मिली है उन्हें सरकार हर महीने बेरोजगारी भत्ता
प्रदान करेगी।
➠ मुख्यमंत्री युवा संबल योजना- 2021 के प्रावधान 1 जनवरी, 2022 से प्रभावी है।
➠ पहले इस योजना का नाम अक्षत योजना था।
मुख्यमंत्री युवा संबल योजना का उद्देश्य
राजस्थान
सरकार द्वारा मुख्यमंत्री युवा संबल योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य यह है
कि प्रदेश के शिक्षित युवा जो अपनी शिक्षा पर्ण करने के बाद सरकारी नौकरी या फिर
किसी रोजगार से नहीं जुड़ पाएं. उन बेरोजगार युवाओं को सरकार द्वारा मासिक
बेरोजगारी भत्ता दिया जाए. ताकि उन्हें आर्थिक रूप से परेशान न होना पड़ें.
➠राज्य सरकार की इस योजना को 1 फरवरी, 2019 से शुरू किया गया था।
योजना का क्रियान्वयन - कौशल रोजगार और उद्यमिता विभाग द्वारा
इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
बेरोजगारी
भत्ते की राशि- योजनार्तगत बेरोजगारी भत्ता ₹3,000 पुरूषों के लिए तथा ₹ 3,500 महिलाओं, ट्रांसजेडर और दिव्यांगजनों के पात्र
बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह अधिकतम दो वर्ष या रोजगार पाने तक जो भी पहले हो, वितरित किया जा रहा है।
➠ इसके अतिरिक्त, भत्ता राशि में भी ₹ 1,000 (पुरूष आवेदकों के
लिए ₹ 4,000 तथा महिलाओं, दिव्यांगजनों और ट्रांसजेडर आवेदकों के
लिए ₹ 4,500) की वृद्धि की गई है।
बेरोजगारी भत्ता पाने की समय-सीमा
- Rajasthan
Yuva Sambal Yojana के
अंतर्गत बेरोजगार अभ्यर्थी को सरकार द्वारा बेरोजगारी मासिक भत्ता अधिकतम दो
वर्ष तक देने का प्रावधान है.
- इस अवधि में अभ्यर्थी इस योजना के तहत जब
तक मासिक भत्ता पाने का हक़दार तब तक वह किसी रोजगार से न जुड़ जाएं या फिर
स्वयं का व्यवसाय शुरू न कर दें.
बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए नियम-शर्तें
- मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत
बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए पहली शर्त तो यह है कि अभ्यर्थी राजस्थान का मूल
निवासी होना चहिए.
- इच्छुक अभ्यर्थी राजस्थान राज्य में विधि
द्वारा स्थापित विश्वविद्यालयों से मान्यता प्राप्त कॉलेजों से स्न्नातक या
समकक्ष डिग्रीधारी हों और वह स्थानीय रोजगार कार्यालय में ऑनलाइन पंजीकृत
होना जरूरी है. वहीं अभ्यर्थी के पास किसी प्रकार का कोई रोजगार का साधन नहीं
होना चाहिए.
- अन्य राज्य की स्न्नातक या समकक्ष
डिग्रीधारी विवाहित महिला हो तो उसका विवाह राजस्थान राज्य के मूलनिवासी के
साथ होने पर ही वह पात्र होगी.
- अभ्यर्थी वर्तमान में अन्य किसी कोष से
कोई भत्ता/छात्रवृति या किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त नहीं कर रहा हों.
- इस योजना के तहत एक परिवार में अधिकतम दो
अभ्यर्थियों को ही बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है.
- अभ्यर्थी के परिवार की वार्षिक आय 2 लाख
से अधिक नहीं होनी चाहिए. अगर वार्षिक आय अधिक है तो वह अभ्यर्थी इस योजना का
फायदा नहीं ले सकता है.
- इच्छुक अभ्यर्थी का भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में
खाता होना चाहिए.
- इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए
सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 30 वर्ष, जबकि
महिला,
अनुसूचित
जाति (SC)
या
अनुसूचित जनजाति (ST)
वर्ग
और विशेष योग्यजन (नि:जन) के अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 35 वर्ष
निर्धारित की गई है.
किसे नही मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
- इस प्रकार के अभ्यर्थी जो स्नातक उपाधि के
बाद भी अपनी निरंतर शिक्षा जारी रख रहे है, उन्हें
यह बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलेगा.
- पूर्व में प्रचलित राजस्थान बेरोजगारी
भत्ता योजनाएं –
अक्षत
योजना- 2007,
अक्षत
कौशल योजना- 2009
या
अक्षत योजना- 2012)
से
भत्ता प्राप्त कर चुके अभ्यर्थी मुख्यमंत्री युवा संबल योजना का लाभ नहीं ले
सकेंगे.
- जो बेरोजगार अभ्यर्थी PMGSY या MNAREGA के
तहत लाभ प्राप्त कर रहे है या फिर मनरेगा में पंजीकृत है. ऐसे बेरोजगार
स्नातकों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
- जो अभ्यर्थी केंद्र या राज्य सरकार की
किसी भी योजना के तहत छात्रवृति/सहायता या लाभ प्राप्त कर रहे हो.
- ऐसे अभ्यर्थी भी पात्र नहीं होंगे, जिनके
खिलाफ कोई अपराधिक मामले दर्ज हो या फिर उन्हें सरकारी विभाग या संस्था
द्वारा निष्कासित कर दिया गया हो.
➠ मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना को अधिक प्रभावी बनाने एवं युवाओं को
रोजगार क्षमता बढ़ाने की दृष्टि से योजना के नवीन दिशा-निर्देश ‘मुख्यमंत्री युवा संबल योजना-2021’ 27 अक्टूबर, 2021 को जारी किए गए हैं, जिसके अनुसार अब आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए अनिवार्य
रूप से विभिन्न राजकीय विभागों में कम से कम 3 महीने के कौशल प्रशिक्षण के बाद चार घंटे की इंटर्नशिप करनी होगी।
आवश्यक दस्तावेज
- मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत आवेदन
करने पर अभ्यर्थी के पास इन जरुरी दस्तावेजों का होना जरुरी हैं-
- अभ्यर्थी का राजस्थान का मूल निवासी होने
का सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र हों.
- राज्य से बाहर की स्नातक परीक्षा उर्त्तीण
विवाहित महिला अभ्यर्थी के पास उनके पति का राजस्थान का मूल निवासी प्रमाण
पत्र और विवाह प्रमाण पत्र होना जरुरी है.
- जन्मतिथि प्रमाणित के लिए 10वीं
बोर्ड की अंक तालिका फोटोप्रति होनी जरूरी है.
- स्नातक परीक्षा उर्त्तीण की अंक
तालिका/डिग्री की फोटोप्रति
- अभ्यर्थी की भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में
खोले गए एकल खाते की पासबुक की फोटोप्रति
- परिवार के वार्षिक आय प्रमाण पत्र की
फोटोप्रति
- अभ्यर्थी अगर अनुसूचित जाति (SC) या
अनुसूचित जनजाति (ST)
वर्ग
से है तो सक्षम अधिकारी से जारी प्रमाण पत्र की फोटोप्रति.
- यदि अभ्यर्थी विकलांग है तो विकलांगता का
प्रमाण पत्र आवेदन के साथ अटैच करना होगा.
- इनके आलावा अभ्यर्थी का आधार कार्ड, पासपोर्ट
साईज फोटो आदि.
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